स्कूल
खेल का मैदान
घर के पास कूी वो दुकान
सड़क
छत
स्टडी रुम
टेलीफोन
ट्यूशन
सब जगह सचिन साथ होता था।
बचपन
लड़कपन
यौवन
हर कहीं मौजूद रहा है सचिन।
पिता
मां
दीदी
दोस्त
एक सचिन पर सब बतियाते थे।
सब चले गए
सचिन को भी जाना था
लेकिन थोड़ा थोड़ा रहेगा
हमेशा हमारे साथ।
खेल का मैदान
घर के पास कूी वो दुकान
सड़क
छत
स्टडी रुम
टेलीफोन
ट्यूशन
सब जगह सचिन साथ होता था।
बचपन
लड़कपन
यौवन
हर कहीं मौजूद रहा है सचिन।
पिता
मां
दीदी
दोस्त
एक सचिन पर सब बतियाते थे।
सब चले गए
सचिन को भी जाना था
लेकिन थोड़ा थोड़ा रहेगा
हमेशा हमारे साथ।
( 16 नवंबर 2013 को सचिन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया और इसी दिन मैंने इंडिया न्यूज से इस्तीफा दिया,16 नवंबर 2013 को फेसबुक पर लिखी कविता )
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