Saturday, October 18, 2014

हमेशा साथ रहोगे सचिन

स्कूल 
खेल का मैदान 
घर के पास कूी वो दुकान 
सड़क 
छत 
स्टडी रुम 
टेलीफोन 
ट्यूशन 
सब जगह सचिन साथ होता था।
बचपन 
लड़कपन 
यौवन 
हर कहीं मौजूद रहा है सचिन।
पिता 
मां 
दीदी 
दोस्त 
एक सचिन पर सब बतियाते थे।
सब चले गए 
सचिन को भी जाना था 
लेकिन थोड़ा थोड़ा रहेगा 
हमेशा हमारे साथ।

( 16 नवंबर 2013 को सचिन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया और इसी दिन मैंने इंडिया न्यूज से इस्तीफा दिया,16 नवंबर 2013 को फेसबुक पर लिखी कविता ) 

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